आईटीआई मेसन (बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर) ट्रेड पाठ्यक्रम
आईटीआई मेसन (बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर) ट्रेड एक वर्षीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) द्वारा क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (सीटीएस) के तहत संचालित होता है। यह कोर्स प्रशिक्षुओं को ईंट, पत्थर, कंक्रीट, और अन्य सामग्रियों का उपयोग करके इमारतों के निर्माण, मरम्मत, और रखरखाव, साथ ही प्लास्टरिंग, फ्लोरिंग, और फिनिशिंग तकनीकों में कौशल प्रदान करता है। पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान, प्रायोगिक मेसनरी कौशल, और रोजगार योग्यता कौशल शामिल हैं, जो छात्रों को निर्माण उद्योग में मेसन, निर्माण कार्यकर्ता, या सुपरवाइज़र, या स्व-रोजगार ठेकेदारों के रूप में भूमिकाओं के लिए तैयार करता है।
कोर्स का संक्षिप्त विवरण
- अवधि: 1 वर्ष (2 सेमेस्टर, प्रत्येक 6 महीने)
- एनएसक्यूएफ स्तर: स्तर 4
- योग्यता: न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण (या समकक्ष)
- उद्देश्य: सुरक्षित, टिकाऊ, और सौंदर्यपूर्ण इमारत संरचनाओं के निर्माण के लिए मेसनरी तकनीकों में प्रशिक्षण देना।
विस्तृत पाठ्यक्रम विभाजन
1. ट्रेड थ्योरी (सैद्धांतिक ज्ञान)
मेसनरी, निर्माण सामग्री, और निर्माण तकनीकों के सिद्धांतों को कवर करता है।
- सेमेस्टर 1
- मेसनरी का परिचय
- अवलोकन: निर्माण में मेसन की भूमिका, इमारतों के प्रकार (आवासीय, वाणिज्यिक)।
- निर्माण उद्योग: करियर दायरा, सुरक्षा नियम, साइट संगठन।
- सुरक्षा: पीपीई (हेलमेट, दस्ताने, जूते), उपकरण संभालना, स्कैफोल्डिंग सुरक्षा।
- निर्माण सामग्री
- सामग्री: ईंट, पत्थर, सीमेंट, रेत, समुच्चय, चूना, मोर्टार प्रकार।
- गुण: ताकत, टिकाऊपन, जल अवशोषण, बंधन।
- भंडारण: ईंटों की स्टैकिंग, सीमेंट संरक्षण, अपव्यय रोकथाम।
- उपकरण और साज-सज्जा
- हाथ उपकरण: करनी, साहुल, स्पिरिट लेवल, छेनी, मेसन स्क्वायर।
- माप उपकरण: टेप, लाइन और पिन, वॉटर लेवल।
- साज-सज्जा: मिक्सर, ठेला, स्कैफोल्डिंग, वाइब्रेटर।
- ईंट और ब्लॉक मेसनरी
- प्रकार: पकी मिट्टी की ईंट, फ्लाई ऐश ईंट, कंक्रीट ब्लॉक, AAC ब्लॉक।
- बंधन: इंग्लिश, फ्लेमिश, स्ट्रेचर, हेडर बंधन, उनके अनुप्रयोग।
- मोर्टार: सीमेंट-रेत अनुपात, मिश्रण, ताकत के लिए क्योरिंग।
- नींव और दीवारें
- नींव: प्रकार (स्ट्रिप, राफ्ट, पाइल), उद्देश्य, भार वितरण।
- दीवारें: लोड-बेयरिंग, विभाजन, गुहा दीवारें, सुदृढीकरण मूल बातें।
- खुलने: मेहराब, लिंटल, सिल, उनकी निर्माण विधियाँ।
- कंक्रीट प्रौद्योगिकी
- कंक्रीट: सामग्री, मिश्रण अनुपात, कार्यक्षमता, स्लंप टेस्ट।
- सुदृढीकरण: स्टील बार, प्लेसमेंट, बाइंडिंग तकनीक।
- क्योरिंग: विधियाँ, ताकत के लिए महत्व, दरारें रोकना।
- मेसनरी का परिचय
- सेमेस्टर 2
- पत्थर मेसनरी
- प्रकार: रबल, अश्लर, कोर्स्ड, अनकोर्स्ड मेसनरी।
- उपकरण: छेनी, हथौड़ा, पत्थर ड्रेसिंग के लिए पिचिंग उपकरण।
- निर्माण: बंधन, पॉइंटिंग, पत्थर की दीवारों की फिनिशिंग।
- प्लास्टरिंग और फिनिशिंग
- प्लास्टरिंग: सीमेंट, चूना, जिप्सम प्लास्टर, सिंगल/डबल कोट।
- तकनीकें: सतह तैयारी, प्लास्टर लगाना, क्योरिंग।
- फिनिशिंग: पॉइंटिंग, सफेदी, डिस्टेंपर, पेंटिंग मूल बातें।
- फ्लोरिंग और टाइलिंग
- फ्लोरिंग: सीमेंट, टेराज़ो, मार्बल, सिरेमिक, विट्रिफाइड टाइल्स।
- स्थापना: बेडिंग, लेवलिंग, ग्राउटिंग, पॉलिशिंग।
- स्कर्टिंग: उद्देश्य, प्रकार, फिक्सिंग तकनीक।
- वॉटरप्रूफिंग और मरम्मत
- वॉटरप्रूफिंग: सामग्री (बिटुमेन, झिल्ली), छत, बेसमेंट के लिए विधियाँ।
- मरम्मत: दरारें पैचिंग, क्षतिग्रस्त दीवारों का पुनर्निर्माण, सुदृढीकरण।
- डैंप-प्रूफिंग: DPC परतें, रासायनिक उपचार, वेंटिलेशन।
- निर्माण चित्र
- ब्लूप्रिंट: योजनाएँ, उन्नयन, खंड, प्रतीक पढ़ना।
- माप: सामग्री अनुमान के लिए क्षेत्रफल, आयतन गणना।
- लेआउट: साइट पर नींव, दीवारें, स्तंभ चिह्नित करना।
- पेशेवर कौशल
- अनुमान: सामग्री मात्रा, श्रम लागत गणना।
- साइट प्रबंधन: मजदूरों, सुपरवाइज़रों, इंजीनियरों के साथ समन्वय।
- उद्यमिता: मेसनरी ठेका व्यवसाय शुरू करना, निविदा।
- पत्थर मेसनरी
2. ट्रेड प्रैक्टिकल (हाथों से कौशल)
वर्कशॉप और नकली निर्माण साइटों पर प्रायोगिक मेसनरी कार्यों पर केंद्रित।
- सेमेस्टर 1
- सुरक्षा अभ्यास
- पीपीई उपयोग: लैब में हेलमेट, दस्ताने, सुरक्षा जूते पहनना।
- उपकरण संभालना: करनी, छेनी, मिक्सर का सुरक्षित उपयोग अभ्यास।
- स्कैफोल्डिंग: मॉक सेटअप में खड़ा करना, निरीक्षण, डिस्मेंटलिंग।
- उपकरण संचालन
- मापना: टेप, स्पिरिट लेवल, साहुल के साथ सटीकता अभ्यास।
- मिश्रण: सही अनुपात में मोर्टार, कंक्रीट तैयार करना।
- कटिंग: लैब में ईंट तोड़ना, छेनी से पत्थर आकार देना।
- ईंट मेसनरी
- ईंट बिछाना: स्ट्रेचर, हेडर, इंग्लिश बंधन दीवारें बनाना।
- कोने बनाना: समकोण बनाना, साहुल जाँचना।
- खुलने: मॉक दीवारों में लिंटल, मेहराब बनाना।
- कंक्रीट कार्य
- मिश्रण: लैब में स्लैब, बीम के लिए कंक्रीट तैयार करना।
- डालना: मॉक नींव, स्तंभ डालना, ठीक से क्योरिंग।
- सुदृढीकरण: स्टील बार बाँधना, फॉर्मवर्क में रखना।
- नींव अभ्यास
- चिह्नित करना: लाइन और पिन से नींव लेआउट करना।
- खोदना: मॉक खाइयाँ खोदना, आधार लेवलिंग।
- निर्माण: ईंट, कंक्रीट से स्ट्रिप नींव बनाना।
- प्रोजेक्ट कार्य
- दीवार बनाना: खुलनों के साथ ईंट की दीवार बनाना।
- रिपोर्ट: उपयोग की सामग्री, समय, चुनौतियाँ दस्तावेजीकरण।
- सुरक्षा अभ्यास
- सेमेस्टर 2
- पत्थर मेसनरी
- पत्थर ड्रेसिंग: उपकरणों से रबल, अश्लर पत्थर आकार देना।
- निर्माण: मॉक सेटअप में पत्थर की दीवारें, स्तंभ बनाना।
- फिनिशिंग: जोड़ों की पॉइंटिंग, पत्थर सतहों की पॉलिशिंग।
- प्लास्टरिंग अभ्यास
- सतह तैयारी: दीवारों की सफाई, गीला करना।
- प्लास्टर लगाना: सिंगल/डबल कोट, करनी से लेवलिंग।
- फिनिशिंग: लैब में सफेदी, डिस्टेंपर लगाना।
- फ्लोरिंग और टाइलिंग
- फ्लोर बिछाना: मॉक कमरों में सीमेंट, टाइल फ्लोरिंग स्थापना।
- टाइलिंग: सिरेमिक, विट्रिफाइड टाइल्स फिक्सिंग, जोड़ों में ग्राउटिंग।
- स्कर्टिंग: दीवारों के साथ स्थापना, संरेखण सुनिश्चित करना।
- वॉटरप्रूफिंग और मरम्मत
- वॉटरप्रूफिंग: मॉक छतों पर बिटुमेन, झिल्ली लगाना।
- मरम्मत: दरारें पैचिंग, मॉक क्षतिग्रस्त दीवारों का पुनर्निर्माण।
- डैंप-प्रूफिंग: मॉक नींव में DPC स्थापना।
- चित्र और अनुमान
- योजनाएँ पढ़ना: मॉक भवन ब्लूप्रिंट व्याख्या।
- अनुमान: छोटी संरचना के लिए ईंट, सीमेंट गणना।
- लेआउट: मॉक साइटों पर दीवारें, स्तंभ चिह्नित करना।
- प्रोजेक्ट कार्य
- संरचना निर्माण: दीवारों, प्लास्टर, फ्लोरिंग के साथ छोटा कमरा बनाना।
- पोर्टफोलियो: कार्य फोटो, सामग्री अनुमान, साइट रिपोर्ट प्रस्तुति।
- पत्थर मेसनरी
3. वर्कशॉप कैलकुलेशन और विज्ञान
मेसनरी के लिए गणितीय और वैज्ञानिक अवधारणाओं का समर्थन करता है।
- सेमेस्टर 1
- अंकगणित: ईंट, मोर्टार, कंक्रीट के लिए क्षेत्रफल, आयतन गणना।
- अनुपात: मोर्टार, कंक्रीट के लिए सीमेंट, रेत, समुच्चय मिश्रण।
- विज्ञान: सामग्री के गुण (सीमेंट सेटिंग, ईंट ताकत)।
- सेमेस्टर 2
- ज्यामिति: मेहराबों, फ्लोर, छतों के लिए कोण, ढलान।
- गणना: सामग्री लागत, श्रम शुल्क अनुमान।
- विज्ञान: नमी, गर्मी का कंक्रीट, प्लास्टर क्योरिंग पर प्रभाव।
4. इंजीनियरिंग ड्राइंग
निर्माण-संबंधी ड्राफ्टिंग पर केंद्रित।
- सेमेस्टर 1: उपकरण, भवन घटक, साधारण योजनाएँ स्केचिंग।
- सेमेस्टर 2: दीवार खंड, नींव, फ्लोर योजनाएँ ड्राइंग।
5. एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स
नौकरी की तैयारी और सॉफ्ट स्किल्स को बढ़ाता है।
- सेमेस्टर 1
- संचार: कार्य रिपोर्टिंग, सुपरवाइज़रों के साथ संवाद।
- समय प्रबंधन: निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देना, समयसीमा पूरी करना।
- बुनियादी आईटी: माप, सामग्री ट्रैकिंग के लिए ऐप्स उपयोग।
- सेमेस्टर 2
- उद्यमिता: मेसनरी व्यवसाय नियोजन, ठेके की बोली।
- टीमवर्क: साइट पर मजदूरों, इंजीनियरों के साथ समन्वय।
- समस्या समाधान: सामग्री कमी, साइट मुद्दों को संबोधित करना।
मूल्यांकन और प्रमाणन
- परीक्षाएँ: सेमेस्टर-वार (सिद्धांत + प्रायोगिक)।
- प्रमाणपत्र: एनसीवीटी से नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी), राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त।
- मूल्यांकन: मेसनरी सटीकता, निर्माण गुणवत्ता, सामग्री अनुमान, और प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर।
करियर अवसर
- रोजगार: आवासीय, वाणिज्यिक, या बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में मेसन, निर्माण कार्यकर्ता, साइट सुपरवाइज़र।
- स्व-रोजगार: मेसनरी ठेका व्यवसाय या मरम्मत सेवा शुरू करना।
- आगे की पढ़ाई: सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा, उन्नत मेसनरी में प्रमाणन, या सुपरवाइज़र प्रशिक्षण।
नोट
- यह पाठ्यक्रम एनसीवीटी दिशानिर्देशों के साथ संरेखित है और संस्थागत या राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
- नवीनतम संस्करण के लिए, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (डीजीटी) या स्थानीय आईटीआई से संपर्क करें।
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